स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती: 51 स्कूल बसों की जांच, 5 बसों पर चालानी कार्रवाई
दुर्ग/ स्कूली छात्र-छात्राओं के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यातायात पुलिस दुर्ग एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पुलिस ग्राउंड सेक्टर-06, भिलाई में स्कूल बस जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर के दौरान जिले के 04 शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संचालित 51 स्कूल बसों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। जांच में सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक दस्तावेजों में खामियां पाए जाने पर 05 स्कूल बसों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने वाहन पंजीयन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, रोड टैक्स तथा वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का परीक्षण किया। इसके अलावा बसों की मैकेनिकल फिटनेस के अंतर्गत हेडलाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, टायर, स्टीयरिंग, क्लच, एक्सीलेटर, हॉर्न, वाइपर, सीट व्यवस्था एवं रिफ्लेक्टर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों का निरीक्षण किया गया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्कूल बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम, संपर्क नंबर तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान 05 स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक दस्तावेजों संबंधी कमियां पाई गईं, जिसके चलते संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही उन्हें कमियों का निराकरण करने के बाद ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए। जिन बसों की जांच नहीं हो सकी, उनके संचालकों को आगामी शिविर में अनिवार्य रूप से वाहन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
शिविर के दौरान बस चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। परीक्षण में 13 चालकों में रक्तचाप एवं शुगर संबंधी स्वास्थ्य शिकायतें पाई गईं, जिन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया।
उक्त कार्रवाई यातायात पुलिस दुर्ग एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा समन्वित रूप से संपादित की गई।