भिलाई टाइम्स न्यूज के इंस्टाग्राम पेज पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक, ₹10 हजार की वसूली का प्रयास; आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। भिलाई टाइम्स न्यूज के इंस्टाग्राम पेज पर लगातार फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेजकर पेज बंद कराने की धमकी देने और कॉपीराइट स्ट्राइक हटाने के नाम पर ₹10,000 की अवैध राशि मांगने के मामले में सुपेला पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त iPhone 16 मोबाइल फोन भी जप्त किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी यशवंत साहू द्वारा थाना सुपेला उपस्थित होकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रार्थी ने बताया कि वह भिलाई टाइम्स न्यूज नाम से न्यूज चैनल संचालित करता है और उसके इंस्टाग्राम पेज पर करीब 32 हजार फॉलोवर्स हैं। दिनांक 25 जुलाई 2026 की रात्रि से 26 जुलाई 2026 की रात्रि के बीच उसके इंस्टाग्राम पेज पर लगातार फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक प्राप्त हुईं। लगातार स्ट्राइक आने से प्रार्थी को आशंका हुई कि उसका इंस्टाग्राम पेज डिलीट या बंद हो सकता है।
प्रार्थी ने जब संबंधित व्यक्ति से ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया, तब कॉपीराइट स्ट्राइक हटाने के नाम पर उससे ₹10,000 की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित व्यक्ति द्वारा राशि नहीं देने पर पेज बंद होने की आशंका जताई जा रही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1061/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 308(2), 351(4) बीएनएस एवं धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। साइबर सेल की सहायता से संबंधित व्हाट्सएप नंबर, ई-मेल आईडी, इंस्टाग्राम एवं फेसबुक अकाउंट तथा आईपी संबंधी तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए संबंधित कंपनियों से विधिवत पत्राचार किया गया। पुलिस को प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करने के बाद संबंधित मोबाइल नंबर और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने वाले व्यक्ति की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य प्राप्त हुए। इसके बाद पुलिस टीम ने दिनांक 17 अगस्त 2026 को आरोपी के निवास पर पहुंचकर उसे धारा 35 बीएनएसएस के तहत नोटिस दिया। नोटिस के परिपालन में आरोपी दिनांक 19 अगस्त 2026 को थाना सुपेला उपस्थित हुआ। पुलिस ने आरोपी से पूरे मामले को लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान प्राप्त मेमोरेण्डम कथन तथा पुलिस के पास उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त iPhone 16 मोबाइल फोन, एक नग, जप्त किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनीश कुमार, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम उसरी चकिया, थाना महेन्द्रीया, जिला अरवल, बिहार के रूप में हुई है। आरोपी का वर्तमान पता आईओएस तथावडे, थाना वाकड, जिला पुणे, महाराष्ट्र बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर संचालित न्यूज पेज को निशाना बनाया गया। आरोपी द्वारा पहले संबंधित सोशल मीडिया पेज पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेजी गईं। लगातार कॉपीराइट स्ट्राइक आने के बाद पेज संचालक के सामने अकाउंट बंद या डिलीट होने की आशंका उत्पन्न हुई। इसके बाद कॉपीराइट स्ट्राइक हटाने के नाम पर पेज संचालक से धनराशि की मांग की गई। इस तरह सोशल मीडिया अकाउंट को बंद होने से बचाने के नाम पर अवैध रूप से राशि वसूलने का प्रयास किया गया।
इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए अपराध की तकनीकी जांच करते हुए व्हाट्सएप, ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर और आईपी संबंधी जानकारी को जांच का आधार बनाया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए थाना बुलाया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी विवेचना जारी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना में आरोपी के साथ अन्य कोई व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक पारस सिंह, प्रधान आरक्षक अमर सिंह एवं आरक्षक रवि साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी तक पहुंचने और उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जप्त करने की कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल अथवा किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट स्ट्राइक, अकाउंट बंद होने, अकाउंट डिलीट होने या किसी अन्य तकनीकी समस्या के नाम पर यदि कोई अज्ञात व्यक्ति धनराशि की मांग करता है तो उसके झांसे में न आएं और किसी भी स्थिति में राशि का भुगतान न करें। ऐसे मामलों में संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही शिकायत या समाधान की कार्रवाई करें।