पेपर लीक पर कार्रवाई और शिक्षा सुधार की मांग, भिलाई में विशेष ख़ुत्बा
भिलाई/मस्जिद नूरुल इस्लाम, निजामी चौक, फरीद नगर भिलाई में जुमे (शुक्रवार) की नमाज के बाद “शिक्षा का महत्व और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार” विषय पर विशेष ख़ुत्बा (व्याख्यान) आयोजित किया गया। इस मौके पर एसआईओ छत्तीसगढ़ के सदस्य और भिलाई के इस्लामिक स्कॉलर मज़हर जमील ने शिक्षा, नैतिकता, छात्रों पर बढ़ते दबाव और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे।
मज़हर जमील ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री और रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा, जो ईमानदारी, जिम्मेदारी और अच्छे आचरण का निर्माण न करे, अधूरी है। उन्होंने भारतीय शिक्षा पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण से संबंधित पुस्तकों को शामिल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पेपर लीक पर जवाबदेही तय हो, छात्रों को मिले न्याय
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की चर्चा करते हुए मज़हर जमील ने पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही केवल इस्तीफे से पूरी व्यवस्था में बदलाव न आए, लेकिन इससे जवाबदेही और संवैधानिक जिम्मेदारी की परंपरा मजबूत होगी।उन्होंने बताया कि एसआईओ इंडिया ने देश के सभी सांसदों से आगामी मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था की कमियों और आवश्यक सुधारों का मुद्दा उठाने की अपील की है। साथ ही, पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण प्रभावित विद्यार्थियों के लिए उचित मुआवजा, शैक्षिक खर्च सरकार द्वारा वहन करने तथा विद्यार्थियों के बर्बाद हुए समय की भरपाई जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।कार्यक्रम में अजाज़ अहमद, अध्यक्ष जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, भिलाई; मोहम्मद ज़ुलक़रनैन, स्टेट सेक्रेटरी, एसआईओ छत्तीसगढ़; इमरान अज़ीज़, पूर्व अध्यक्ष, एसआईओ छत्तीसगढ़; उबैद खान, सदस्य, एसआईओ भिलाई; फरहान, डायरेक्टर, फरहान कॉमर्स क्लासेज सहित एसआईओ और जमाअत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े अन्य सदस्य एवं सहयोगी उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों ने मज़हर जमील द्वारा उठाए गए शिक्षा सुधार, छात्रों के अधिकार और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों का समर्थन किया।
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