भारत-यूके बिजनेस डेलिगेशन में छत्तीसगढ़ की मजबूत मौजूदगी, लंदन में गूंजा प्रदेश का नाम

भारत-यूके बिजनेस डेलिगेशन में छत्तीसगढ़ की मजबूत मौजूदगी, लंदन में गूंजा प्रदेश का नाम

लंदन/भिलाईlभारत सरकार एवं एफआईसीसीआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय भारत-यूके बिजनेस डेलिगेशन कार्यक्रम का लंदन में सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में देशभर से उद्योगपति, उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि, निर्यातक और एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उद्योग चेम्बर भिलाई के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े डॉ. जितेंद्र प्रसाद गुप्ता ने किया। उन्होंने बिजनेस प्लेनरी, एमएसएमई संवाद और विभिन्न सेक्टर आधारित बैठकों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
एमएसएमई संवाद के दौरान पीयूष गोयल ने उद्योग, निवेश, निर्यात संवर्धन और एमएसएमई विकास से जुड़ी केंद्र सरकार की नीतियों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार भारतीय एमएसएमई को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और उनकी निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम में सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने उद्योग और कार्यक्षेत्र का परिचय दिया तथा भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां
भारत-यूके बिजनेस प्लेनरी सत्र
एमएसएमई एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद
सेक्टर-विशिष्ट बैठकों में सहभागिता
यूके के उद्योग जगत और निवेशकों के साथ नेटवर्किंग
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एआई, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा
भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए सुझावों का आदान-प्रदान
डॉ. जितेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ के एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलने वाली साबित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दौरान बने संपर्क, प्राप्त अनुभव और व्यावसायिक संभावनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देंगी।
उन्होंने भारत सरकार, एफआईसीसीआई और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा से मिले अनुभवों को प्रदेश के उद्यमियों तक पहुंचाकर स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।