दुर्ग सेंट्रल जेल में कैदी की मौत से उठा सवाल, परिजनों ने निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और सीबीआई जांच की मांग
भिलाई/ दुर्ग केंद्रीय जेल में निरुद्ध 75 वर्षीय एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन द्वारा तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन बालोद जिले से दुर्ग पहुंचे और मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।जानकारी के अनुसार, गजानंद राव जाधव (75) निवासी वार्ड क्रमांक-6, चंडी मंदिर के पास, गुंडरदेही जिला बालोद, पिछले लगभग एक वर्ष से जेल में निरुद्ध थे। पहले उन्हें बालोद जेल में रखा गया था, जबकि करीब चार माह पूर्व उनका स्थानांतरण दुर्ग केंद्रीय जेल में किया गया था।मृतक की पत्नी बसंती जाधव ने बताया कि बुधवार रात उन्हें एक पार्षद के माध्यम से सूचना मिली कि दुर्ग केंद्रीय जेल में बंद उनके पति की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह परिजन दुर्ग पहुंचे और पद्मनाभपुर थाना पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच की मांग की।
हत्या की आशंका, सीबीआई जांच की मांग
मृतक के पुत्र किशन राव जाधव ने पुलिस को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि उनके पिता की मौत जेल के अस्पताल वार्ड में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। परिवार को आशंका है कि यह केवल सामान्य मौत का मामला नहीं हो सकता और इसकी गहन जांच आवश्यक है।
परिजनों का कहना है कि मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
चार डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम की मांग
परिवार ने मांग की है कि शव का पोस्टमार्टम कम से कम चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। साथ ही जेल अस्पताल वार्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने, ड्यूटी पर मौजूद जेल कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य बंदियों से पूछताछ करने की भी मांग की गई है।
पुलिस बोली: खांसते समय गिरने से लगी थी चोट
इधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गजानंद राव जाधव लंबे समय से दमा (अस्थमा) की बीमारी से पीड़ित थे और उनका नियमित उपचार चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अत्यधिक खांसी आने के दौरान वह गिर पड़े, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी। बाद में उनकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी बसंती जाधव ने भी स्वीकार किया है कि उनके पति को दमा की पुरानी बीमारी थी और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।