हरेली तिहार पर दुर्ग निगम की बड़ी पहल, शहर में चलेगा वृहद पौधारोपण अभियान न्यू कृषि मंडी से होगी शुरुआत, महापौर ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
दुर्ग/ नगर पालिक निगम/ हरेली तिहार के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए महापौर अलका बाघमार ने आज अपने कक्ष में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।महापौर अलका बाघमार ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख एवं सुरक्षा की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।महापौर के निर्देशानुसार दिनांक 12 अगस्त 2026, बुधवार को हरेली तिहार के अवसर पर न्यू कृषि मंडी, धमधा रोड, दुर्ग में प्रातः 10:00 बजे वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही शहर को अधिक हरा-भरा एवं स्वच्छ बनाने का संदेश देना है। बैठक के दौरान लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर,पर्यवारण प्रभारी काशीराम कोसरे,नरेंद्र बंजारे, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, पार्षद गुलाब वर्मा,प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू,कार्यपालन अभियंता मोहम्मद सलीम सिद्दीकी,सहायक अभियंता हरिशंकर साहू,उद्यान प्रभारी अनिल सिंह सहित अन्य मौजूद रहें।कार्यक्रम को व्यापक एवं सुगम बनाने के लिए प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन, स्थल व्यवस्था, पौधों की उपलब्धता, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।कार्यक्रम के लिए मो. सलीम सिद्दीकी, कार्यपालन अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे।नगर निगम द्वारा हरेली तिहार के अवसर पर शहरवासियों से भी अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने तथा पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की गई है। हरेली के पर्व पर एक पौधा प्रकृति के नाम का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।