YouTube पर ‘ANSHU MATKA’ चैनल बनाकर सट्टे के नंबरों का प्रचार, उतई पुलिस ने 29 वर्षीय आरोपी को दबोचा
दुर्ग/अवैध जुआ-सट्टा गतिविधियों के खिलाफ दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना उतई पुलिस ने YouTube चैनल के माध्यम से सट्टा-मटका के अंकों का प्रचार-प्रसार कर सट्टा कारोबार को बढ़ावा देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को 4 सितंबर 2026 को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि डुमरडीह बस स्टैंड स्थित अंजली ब्यूटी पार्लर के पास एक व्यक्ति अपने मोबाइल फोन के माध्यम से YouTube पर सट्टा-मटका के अंकों की भविष्यवाणी संबंधी वीडियो बनाकर अपलोड और सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदेही को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रवि चेलक (29 वर्ष), निवासी बड़े पारा, जय स्तंभ चौक, डुमरडीह, थाना उतई, जिला दुर्ग बताया। गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उसके कब्जे से Vivo कंपनी के दो Android मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइल की जांच करने पर YouTube पर “ANSHU MATKA” नामक चैनल/अकाउंट के माध्यम से “राजधानी नाईट कल्याण जोड़ी” सहित सट्टा-मटका के अंकों की भविष्यवाणी से संबंधित वीडियो बनाकर अपलोड एवं प्रसारित करना पाया गया।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से सट्टा संचालन एवं लेन-देन से संबंधित डिजिटल सामग्री और उपलब्ध विवरण को विधिवत जब्त कर उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 444/2026, धारा 06(क), 07(1), 11 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक आरोपी YouTube चैनल के जरिए सट्टा-मटका के संभावित अंकों की भविष्यवाणी वाले वीडियो तैयार कर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रसारित करता था, जिससे सट्टा गतिविधियों के लिए अंकों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अब प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों, डिजिटल गतिविधियों और सट्टा नेटवर्क से संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई में थाना उतई पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि जुआ-सट्टा अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा संचालित अथवा प्रचारित करने वालों पर निगरानी रखते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।