सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को CM विष्णुदेव साय ने बताया बड़ी सफलता, बोले- सामने आएंगे कई राज

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को CM विष्णुदेव साय ने बताया बड़ी सफलता, बोले- सामने आएंगे कई राज

महादेव सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की ओमान से गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति और जांच से जुड़े घटनाक्रम में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि मामले में जल्द ही कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CM साय ने क्या कहा?

सोमवार सुबह रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए CBI लगातार प्रयास कर रही थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है। उन्होंने जांच एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इस मामले में आगे कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। राज्य सरकार की ओर से इस मामले से संबंधित 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी गई थीं। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है।

ओमान में हिरासत के बाद भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर

CBI की ओर से 1 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ओमान में हिरासत में लिया।इसके बाद CBI और ED ने मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ ओमान सरकार को औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजा। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई।अनुमति मिलने के बाद CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।

आज रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेशी

CBI के मुताबिक, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर की मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उसे रायपुर लाया जाना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब अदालत में पेशी और आगे की जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर जानकारी सामने आने की संभावना है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।