राष्ट्रीय पक्षी दिवस विशेष 05 जनवरी: राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर पक्षियों के संरक्षण और अधिकारों को लेकर जागरूकता का संदेश

दुर्ग। आज 05 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय पक्षी दिवस (National Bird Day) मनाया जा रहा है। हर वर्ष 05 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिवस पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके प्रति नैतिक व्यवहार की याद दिलाने का अवसर प्रदान करता है।
पर्यावरण एवं पक्षी प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर विचार साझा करते हुए कहा कि पक्षी प्रकृति की सुंदरता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन हम सभी को मिलकर पक्षियों के संरक्षण, उनके अधिकारों और सुरक्षित प्राकृतिक आवास के लिए संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी दिवस की कोई एक तय थीम नहीं होती, बल्कि हर वर्ष एवियन वेलफेयर कोएलिशन (Avian Welfare Coalition) किसी विशेष विषय पर जागरूकता फैलाता है। वर्ष 2024 में इसकी थीम “राइट टू फाइट” (Right to Fight) रही, जिसका उद्देश्य कैद किए गए पक्षियों की पीड़ा, उनके अधिकारों और संरक्षण के मुद्दों को सामने लाना था।
राष्ट्रीय पक्षी दिवस का इतिहास
राष्ट्रीय पक्षी दिवस की शुरुआत वर्ष 2002 में अमेरिका से हुई थी। यह दिवस 5 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वार्षिक “क्रिसमस बर्ड काउंट” आयोजित किया जाता है, जिसके माध्यम से पक्षियों की संख्या और उनकी स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा एकत्र किया जाता है। एवियन वेलफेयर कोएलिशन ने इस दिन की शुरुआत पक्षियों के संघर्ष, दुर्दशा और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से की थी।
पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा हैं पक्षी
पक्षी न केवल अपनी चहचहाहट से वातावरण को आनंदमय बनाते हैं, बल्कि बीज प्रसार, कीट नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक सुंदर और स्वस्थ प्रकृति के लिए पक्षियों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर यह संदेश दिया गया कि हम सभी को मिलकर पक्षियों की सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए, उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को भी चहचहाते पक्षियों से भरी स्वस्थ प्रकृति देखने को मिले।