छत्तीसगढ़ में कैसे-कैसे घोटाले, फार्म हाउस को खदान से प्रभावित बताकर 25 लाख रुपये मुआवजा लेने वाला था अधिकारी का बेटा
अंबिकापुर/ छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में बाक्साइट खदान के बदले किसानों को मुआवजा वितरण में भारी गड़बड़ी किए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। सीजीपीएससी घोटाले के आरोपित टामन सिंह सोनवानी के बेटे अभिषेक सोनवानी के नाम पर 25 लाख रुपये का मुआवजा तैयार किया गया था।
लगभग 51 डिसमिल में तैयार फार्म हाउस तथा फलदार पौधे वाली जमीन के लिए यह मुआवजा निर्धारित किया गया था। यहां पर जिन लोगों की जमीन नहीं है, उनके नाम पर भी मुआवजा का प्रकरण तैयार कर लिया गया था।
शिकायत आने के बाद कार्रवाई
शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट की तहसीलदार ममता रात्रे और संबंधित हलका पटवारी को जांच पूरी होने तक जिला कार्यालय में सलंग्न कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए अपर कलेक्टर सुनील नायक की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है।
19 करोड़ का मुआवजा बंटना है दो गांवों में
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड को मैनपाट के उरंगा और बरिमा ग्राम में खनन लीज मिली है, जिसके तहत किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिलना है। उरंगा के 220 और बरिमा के 24 किसानों को मुआवजा मिलना है। उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में चार करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है। तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मुआवजा वितरण को मंजूरी भी मिल चुकी थी।
फार्म हाउस और फलदार पौधों के बदले भी मुआवजा देने की थी तैयारी
उरंगा ग्राम में सीजीपीएससी घोटाले के आरोपित टामन सिंह सोनवानी के बेटे अभिषेक सोनवानी के फार्म हाउस और फलदार पौधे के रोपित क्षेत्र का भी 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की तैयारी थी। फार्म हाउस में टीम जांच के लिए पहुंची थी। यहां केयर टेकर मौजूद था। टामन सिंह के बेटे के नाम दो खसरा नंबर की जमीन है। बाक्साइट उत्खनन से कोई संबंध नहीं है फिर भी मुआवजा तैयार कर दिया गया था।
नियमों के तहत खेत का मुआवजा मिलना है जहां खेती हो रही होगी। फार्म हाउस और रेस्ट हाउस, काटेज का मुआवजा नहीं दिया जाना है।
डेढ़ एकड़ जमीन और मुआवजा बना दिया 23 एकड़ का
उरंगा ग्राम में एक किसान की सिर्फ डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिए जाने की पुष्टि हुई है। उस किसान का भी बयान लिया गया है। किसान को इस विषय में कुछ पता ही नहीं है। कुल 23 से अधिक ऐसे नाम प्रारंभिक जांच में सामने आए हैं जो गांव के निवासी ही नहीं है। जिनकी गांव में जमीन नहीं है उनका भी मुआवजा प्रकरण तैयार कर लिया गया है। ऐसे लोगों से जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
अधिकारियों का क्या कहना
मैनपाट में बाक्साइट खनन के लिए मुआवजा में अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है। अब तक की जांच में कुछ खसरों में अनियमितता पाई गई है। जांच होने तक मैनपाट की तहसीलदार और पटवारी को जिला कार्यालय संलग्न कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– अजीत वसंत- कलेक्टर, सरगुजा