ईद-उल-अजहा इंसानियत, कुर्बानी और भाईचारे का पैगाम : इकराम कुरैशी

ईद-उल-अजहा इंसानियत, कुर्बानी और भाईचारे का पैगाम : इकराम कुरैशी

दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के विशेष आमंत्रित सदस्य इकराम कुरैशी ने ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को दिली मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार कुर्बानी, इंसानियत, रहमदिली और जरूरतमंदों की मदद का सबसे बड़ा पैगाम देता है।
उन्होंने कहा कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की अजीम कुर्बानी पूरी इंसानियत को यह सीख देती है कि इंसान को अपने अंदर की बुराइयों, लालच, घमंड और स्वार्थ की भी कुर्बानी देनी चाहिए। ईद-उल-अजहा सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, सेवा, रहमत और मानवता का भी संदेश है।
इकराम कुरैशी ने कहा कि इस पाक त्योहार की असली खुशी तभी मुकम्मल होती है, जब समाज के गरीब, यतीम, बेसहारा, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों तक भी खुशियां पहुंचें। उन्होंने कहा कि अगर हमारे आसपास कोई भूखा, परेशान या मजबूर है, तो हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसकी मदद करें और उसे अपनी खुशियों में शामिल करें।
उन्होंने समाज के साहिब-ए-हैसियत लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा के मौके पर जरूरतमंद परिवारों, गरीबों, यतीमों और बेसहारा लोगों का खास ख्याल रखें तथा अपनी खुशियों में उन्हें भी शामिल करें, ताकि त्योहार की असली खुशी हर घर तक पहुंच सके।
इकराम कुरैशी ने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं होता। अगर किसी जरूरतमंद की मदद करनी हो तो उसका धर्म, जाति या समाज नहीं देखना चाहिए, बल्कि इंसानियत के नाते उसकी मदद करनी चाहिए। किसी गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को सहारा देना और किसी मजबूर का साथ बनना ही सबसे बड़ी इंसानियत और असली इबादत है।
अंत में उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला सभी की कुर्बानियां कबूल फरमाए तथा पूरे देश में अमन, खुशहाली, रहमत और बरकत अता फरमाए। साथ ही उन्होंने सभी देशवासियों को ईद-उल-अजहा की तहे दिल से मुबारकबाद दी।