दुर्ग ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई: दो दिन में 2 स्कूल वाहन चालक नशे में पकड़े गए
दुर्ग/ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान में दो दिनों के भीतर दो स्कूल वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए हैं। दोनों मामलों में स्कूल बस एवं वैन को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत न्यायालय भेजा गया है। वहीं संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग तथा स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया है।
यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिदिन सुबह 6 बजे से स्कूल बस एवं वैन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की जा रही है। इसी अभियान के दौरान लगातार जांच में मात्र दो दिनों के भीतर दो स्कूल वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए।
जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को निरीक्षक जे.आर. कुर्रे एवं यातायात टीम द्वारा वाहन जांच के दौरान श्री स्कूल, कुम्हारी के बस चालक को 180 mg/100 ml अल्कोहल की मात्रा के साथ स्कूल बस चलाते हुए पकड़ा गया। वहीं 13 जुलाई 2026 को श्री राम स्कूल की वैन के चालक को 70 mg/100 ml अल्कोहल की मात्रा के साथ वाहन चलाते हुए पाया गया। इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान एक अन्य स्कूल वाहन चालक भी नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया।
यातायात पुलिस ने सभी संबंधित स्कूल वाहनों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत न्यायालय में प्रस्तुत किया है। साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भी पत्र प्रेषित किया गया है।
यातायात पुलिस की स्कूल संचालकों से अपील
यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी स्कूल संचालकों एवं प्रबंधनों से अपील की है कि वे अपने स्कूल वाहन चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराएं। किसी भी परिस्थिति में शराब या अन्य नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालक को बच्चों के परिवहन की जिम्मेदारी न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।