ऑनलाइन सट्टे पर दुर्ग पुलिस का बड़ा प्रहार, बिहार से संचालित गिरोह पकड़ा गया

ऑनलाइन सट्टे पर दुर्ग पुलिस का बड़ा प्रहार, बिहार से संचालित गिरोह पकड़ा गया

दुर्ग/ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बिहार के पटना से संचालित एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना खुर्सीपार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह प्रतिदिन लगभग 12 से 15 लाख रुपये तथा प्रतिमाह 4 से 5 करोड़ रुपये का ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रेल के आधार पर गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में गठित विशेष टीम बिहार के पटना पहुंची और नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी किराए के मकान में रहकर लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग सहित विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाते थे। हार-जीत की राशि का लेन-देन यूपीआई, नेट बैंकिंग और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार बैंक खाते बदलकर डिजिटल ट्रांजेक्शन को छिपाने का प्रयास करते थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी सामग्री जब्त की है। जब्त डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन का फॉरेंसिक व तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और लाभार्थियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी:
आफताब अहमद (24 वर्ष), निवासी अहमदनगर कैंप-2, भिलाई।
दानिश खान (24 वर्ष), निवासी कैंप-1, भिलाई।
एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा, अवैध बेटिंग या साइबर अपराध से दूर रहें तथा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।