दुर्ग पुलिस का जुआ-सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: 2026 में 120 मामलों में 477 आरोपी गिरफ्तार, ₹39.29 लाख नकद और ₹1.65 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

दुर्ग पुलिस का जुआ-सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: 2026 में 120 मामलों में 477 आरोपी गिरफ्तार, ₹39.29 लाख नकद और ₹1.65 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

दुर्ग/ जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन सट्टा के संगठित नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए दुर्ग पुलिस ने वर्ष 2026 में व्यापक और तकनीक आधारित अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत पूरे जिले में कुल 120 प्रकरण दर्ज कर 477 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान ₹39,29,212 नगद, 522 मोबाइल फोन, 32 लैपटॉप, 70 मोटर साइकिल/कार सहित लगभग ₹1,65,54,430 मूल्य की सामग्री जब्त की गई।
दुर्ग पुलिस ने नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के संगठित अपराध संबंधी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए वर्ष 2026 में जुआ एवं सट्टा के 21 प्रकरणों में संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल मौके पर पकड़े गए आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे आपराधिक सिंडिकेट, उसके संचालकों, वित्तीय लाभार्थियों, तकनीकी सहयोगियों और अपराध से अर्जित संपत्ति तक जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
संगठित नेटवर्क पर तकनीक आधारित कार्रवाई
दुर्ग पुलिस के अनुसार जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 की शुरुआत से ही सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विशेष टीमों को लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने—
सूचना संकलन एवं मुखबिर तंत्र को मजबूत किया।
साइबर इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग किया।
डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया।
बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विश्लेषण किया।
योजनाबद्ध दबिश देकर संगठित गिरोहों के नेटवर्क तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल जुआ खेलते हुए पकड़े गए व्यक्तियों तक सीमित नहीं रखी गई, बल्कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर उससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
   

*BNS की संगठित अपराध धाराओं का प्रभावी उपयोग*
दुर्ग पुलिस ने नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत वर्ष 2026 में दर्ज जुआ और सट्टा के 21 मामलों में संगठित अपराध संबंधी धाराएं जोड़ी हैं।
इन मामलों में पुलिस—
मुख्य संचालकों की पहचान कर रही है।
आर्थिक लाभ लेने वाले व्यक्तियों तक पहुंच रही है।
तकनीकी सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
अपराध से अर्जित संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क का परीक्षण कर रही है।
पूरे सिंडिकेट को कानून के दायरे में लाने के लिए साक्ष्य आधारित विवेचना कर रही है।
पुलिस का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि संगठित अपराध की जड़ों को समाप्त करना है।

      *ऑनलाइन सट्टा पर साइबर स्ट्राइक*
ऑनलाइन सट्टा गिरोहों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस साइबर तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संगठित गिरोहों का खुलासा कर रही है। आधुनिक तकनीक और नए कानूनों के समन्वय से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2026 में जुआ के विरुद्ध कार्रवाई
कुल प्रकरण: 30
गिरफ्तार आरोपी: 221
जप्त नगद राशि: ₹22,80,415
जप्त सामग्री
111 मोबाइल फोन
56 मोटर साइकिल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹48,18,000 मूल्य की
वर्ष 2026 में सट्टा के विरुद्ध कार्रवाई
कुल प्रकरण: 65
गिरफ्तार आरोपी: 155
जप्त नगद राशि: ₹9,22,677
जप्त सामग्री
221 मोबाइल फोन
16 लैपटॉप
8 मोटर साइकिल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹63,96,720 मूल्य की
वर्ष 2026 में ऑनलाइन सट्टा के विरुद्ध कार्रवाई
कुल प्रकरण: 25
गिरफ्तार आरोपी: 101
जप्त नगद राशि: ₹7,26,120
जप्त सामग्री
190 मोबाइल फोन
16 लैपटॉप
6 मोटर साइकिल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹53,39,710 मूल्य की
वर्ष 2026 की समग्र उपलब्धि
कुल पंजीकृत प्रकरण: 120
कुल गिरफ्तार आरोपी: 477
जप्त नगद राशि: ₹39,29,212
जप्त मोबाइल फोन: 522
जप्त लैपटॉप: 32
जप्त मोटर साइकिल/कार: 70
संगठित अपराध संबंधी धाराएं जोड़े गए प्रकरण: 21
अन्य जप्त सामग्री: लगभग ₹1,65,54,430 मूल्य की
कार्रवाई में जब्त प्रमुख सामग्री
₹39,29,212 नगद राशि
522 मोबाइल फोन
32 लैपटॉप
70 मोटर साइकिल/कार
अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं जुआ, सट्टा तथा ऑनलाइन सट्टासंचालन में प्रयुक्त सामग्री

        *इन टीमों की रही महत्वपूर्ण भूमिका*
दुर्ग पुलिस ने बताया कि इस व्यापक अभियान को सफल बनाने में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, थाना स्टाफ, साइबर टीम, विशेष जांच टीमों तथा तकनीकी सहायता टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगातार सूचना संकलन, डिजिटल साक्ष्य जुटाने, वित्तीय लेन-देन की जांच, तकनीकी विश्लेषण, योजनाबद्ध दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी के माध्यम से संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की गई।

दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के जुआ, सट्टा अथवा ऑनलाइन सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल न हों। यदि कहीं ऐसी गतिविधि संचालित होने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
पुलिस ने कहा कि जुआ, सट्टा और ऑनलाइन सट्टा समाज, अर्थव्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों और उनके पूरे नेटवर्क के विरुद्ध भविष्य में भी नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी उपयोग के साथ कठोर और निरंतर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।