आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रवि निगम जिला बदर, एक वर्ष तक दुर्ग सहित 7 जिलों की सीमा में प्रवेश पर प्रतिबंध
दुर्ग/ जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त पाए गए रवि निगम के विरुद्ध जिला बदर का आदेश पारित किया गया है। जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में सुनवाई एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत पारित आदेश के अनुसार रवि निगम को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला दुर्ग सहित राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद, बेमेतरा तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की सीमाओं से बाहर रहना होगा। आरोपी को आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा निर्धारित अवधि तक सक्षम अनुमति के बिना इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में आरोपी रवि निगम के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान पुलिस प्रतिवेदन, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड, अभियोजन साक्षियों के कथन, बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण में यह पाया गया कि आरोपी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है तथा उसके विरुद्ध पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद अपेक्षित सुधार या प्रभाव नहीं पड़ा। लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर का आदेश पारित किया गया।
जिला बदर आदेश के अनुसार रवि निगम, उम्र 35 वर्ष, निवासी रावण भाठा, सुपेला, जिला दुर्ग को एक वर्ष तक प्रतिबंधित जिलों की सीमाओं से बाहर रहना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अनुमति के निर्धारित अवधि के दौरान इन जिलों में प्रवेश करना प्रतिबंधित रहेगा। यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस प्रतिवेदन में आरोपी के संबंध में उल्लेख किया गया है कि वह लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने तथा विवाद की परिस्थितियों में भीड़ एकत्र कर अशांति उत्पन्न करने जैसे कृत्यों में संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गतिविधियां लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न करने वाली पाई गईं, जिसके आधार पर उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
आदेश के तहत जिन जिलों की सीमाओं में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें जिला दुर्ग, बालोद, धमतरी, बेमेतरा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा रायपुर शामिल हैं। निर्धारित अवधि के दौरान आरोपी इन जिलों की सीमाओं में बिना वैधानिक अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकेगा।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी रवि निगम के विरुद्ध वर्ष 2013 से वर्ष 2025 के बीच थाना सुपेला एवं थाना पद्मनाभपुर में कुल पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। इनमें अपराध क्रमांक 61/2013 थाना सुपेला में धारा 294, 506, 323 एवं 34 भादवि के तहत, अपराध क्रमांक 288/2018 थाना सुपेला में धारा 294, 506, 323, 34 एवं 427 भादवि के तहत, अपराध क्रमांक 315/2023 थाना सुपेला में धारा 294, 506, 341 एवं 34 भादवि के तहत, अपराध क्रमांक 494/2023 थाना सुपेला में धारा 294, 506, 323 एवं 34 भादवि के तहत तथा अपराध क्रमांक 320/2025 थाना पद्मनाभपुर में धारा 296, 115(2) एवं 351(3) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज है।
जिला बदर प्रकरण की कार्रवाई में थाना सुपेला द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। थाना पुलिस ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं अन्य उपलब्ध अभिलेखों का संकलन कर नियमानुसार प्रतिवेदन तैयार किया तथा प्रकरण की कार्रवाई में आवश्यक सहयोग प्रदान किया। उपलब्ध दस्तावेजों एवं पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर ही जिला दण्डाधिकारी द्वारा प्रकरण में अंतिम आदेश पारित किया गया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाओं की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा है कि असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की सूचना देकर नागरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।