“क्या फिर दब जाएगा मामला?” सक्ति हादसे पर निकिता मिलिंद का तीखा बयान

“क्या फिर दब जाएगा मामला?” सक्ति हादसे पर निकिता मिलिंद का तीखा बयान

दुर्ग। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री निकिता मिलिंद ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सक्ति पावर प्लांट हादसे को लेकर शासन-प्रशासन से कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सक्ति का यह हादसा कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही के चलते हुआ “कत्ल” है। इस घटना ने वर्ष 2009 में हुए कोरबा के बालको चिमनी हादसे की दर्दनाक यादों को फिर से ताजा कर दिया है।
निकिता मिलिंद ने बताया कि सितंबर 2009 में कोरबा में 110 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से लगभग 40 मजदूरों की मौत हो गई थी। उस समय भी जांच बैठाई गई, कंपनियों पर केस दर्ज हुए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आरोपित इंजीनियर देश छोड़कर फरार हो गए और 2025 तक मामला कोर्ट में लंबित रहने के बावजूद किसी को सजा नहीं मिल सकी।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सक्ति पावर प्लांट हादसे में भी यही इतिहास दोहराया जाएगा? क्या वेदांता से जुड़े इस मामले को भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
निकिता मिलिंद ने कहा कि इस हादसे में हुई 17 मजदूरों की मौत की जिम्मेदारी तय होना चाहिए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने शासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए, अन्यथा यह मान लिया जाएगा कि सरकार मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।