दुर्ग जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस नेता अय्यूब खान ने उठाए सवाल

दुर्ग जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस नेता अय्यूब खान ने उठाए सवाल

दुर्ग /जिला अस्पताल दुर्ग की अनियमितता, अव्यवस्था एवं मरीजों की मौतों की जांच और कार्यवाही की मांग को लेकर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से मिले अय्यूब खान
दुर्ग/प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अय्यूब खान ने आज नया रायपुर में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया से मुलाकात कर जिला अस्पताल दुर्ग में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं एवं मरीजों को हो रही परेशानियों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अस्पताल की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की मांग की।
अय्यूब खान ने कहा कि जिला अस्पताल दुर्ग में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निम्न प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की—
ब्लड उपलब्ध होने के बावजूद मरीज की मृत्यु अय्यूब खान ने बताया कि 01 जून 2026 को जिला अस्पताल दुर्ग में ब्लड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी के कारण युवती दीपिका यादव की मृत्यु हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्त उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को रक्त नहीं दिया गया, जो अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही एवं संभावित कालाबाजारी की ओर संकेत करता है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
मर्चुरी का फ्रिज कई दिनों से बंद जिला अस्पताल की मर्चुरी में शवों को सुरक्षित रखने वाला फ्रिज कई दिनों से बंद पड़ा है, जिससे मृतकों के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे तत्काल सुधारकर चालू करने की मांग की गई।
नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत हाल ही में आयोजित नसबंदी शिविर में दो महिलाओं की मृत्यु का मामला उठाते हुए अय्यूब खान ने संबंधित डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
न्यूरोसर्जन की पदस्थापना की मांग उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल दुर्ग में न्यूरोसर्जन की नियुक्ति नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना एवं सिर में गंभीर चोट वाले मरीजों को तत्काल रायपुर रेफर करना पड़ता है। कई मामलों में मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसलिए न्यूरोसर्जन की तत्काल पदस्थापना आवश्यक है।
ट्रामा सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। उन्होंने शिफ्टवार विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की।
बिना प्राथमिक जांच के मरीजों को रेफर करने पर रोक लगे अय्यूब खान ने कहा कि कई मरीजों को बिना पर्याप्त जांच और प्राथमिक उपचार दिए अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक एवं आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने रेफर करने से पहले अनिवार्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
सीटी स्कैन सुविधा तत्काल शुरू करने की मांग उन्होंने बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन बंद अथवा अनुपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को निजी केंद्रों में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है। उन्होंने सीटी स्कैन मशीन को शीघ्र चालू कर 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराने की मांग की।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।