इस 26 जनवरी काशी विश्वनाथ की झांकी संग नजर आएगा रिखी के साथ छत्तीसगढ़िया समूह,नई दिल्ली में मध्यप्रदेश की झांकी में भागीदारी रहेगी छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य संग्राहक की

इस 26 जनवरी काशी विश्वनाथ की झांकी संग नजर आएगा रिखी के साथ छत्तीसगढ़िया समूह,नई दिल्ली में मध्यप्रदेश की झांकी में भागीदारी रहेगी छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य संग्राहक की

भिलाई। अंचल के जाने माने लोकवाद्य संग्राहक और लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय के साथ छत्तीसगढ़िया कलाकारों का समूह इस बार नई दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में 26 जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर की झांकी के साथ नजर आएगा। खास बात यह है कि इस बार रिखी क्षत्रिय अपने मूल प्रदेश छत्तीसगढ़ के बजाए मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रिखी और उनका समूह सोमवार को नई दिल्ली इस राष्ट्रीय समारोह के लिए रवाना हो गया। 
रिखी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार हो रही झांकी में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किए जाने को दर्शाया गया है। जिसमें लोकमाता के इस कार्य के उपरांत आदिवासी समुदाय द्वारा उत्सव मना कर उनका आभार जताने का उल्लेख विशेष रूप से किया जाएगा। रिखी ने बताया कि इस झांकी में उनके साथ कलाकारों का समूह आदिवासी लोकनृत्य करते हुए आगे बढ़ेगा। रिखी क्षत्रिय के साथ जाने वाले कलाकारों में प्रदीप कुमार, संजीव कुमार बैस, पारस रजक, सुनील कुमार, भीमेश सतनामी, वेदप्रकाश देवांगन और प्रमोद शामिल हैं। गौरतलब है कि रिखी क्षत्रिय ने लोक परंपरा से जुड़ी झांकियों का गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह में विगत दो दशकों में अब तक 11 बार नेतृत्व कर चुके है। उन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक-कलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर  प्रदर्शित करने जाना जाता है।