कानून सबके लिए समान या सिर्फ आम जनता के लिए? छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट बाइक चलाते दिखे, सोशल मीडिया रील से उठा सवाल





दुर्ग।छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक रील ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रील में मंत्री स्वयं बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए नजर आ रहे हैं। रील के साथ उन्होंने “सुबह-सुबह दुर्ग के साथियों के साथ” कैप्शन लिखा है, लेकिन यातायात नियमों के पालन का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
रील सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई यूज़र्स ने बिना हेलमेट वाहन चलाने को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं।
एक यूज़र ने लिखा, “भैया अभी सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है, बिना हेलमेट के चालान तो आपका भी बनता है, लेकिन कार्रवाई कौन करेगा?”
वहीं एक अन्य कमेंट में सवाल उठाया गया, “हेलमेट आम लोगों के लिए है, नेता मंत्री के लिए क्यों?”
कुछ लोगों ने मंत्री के पद को लेकर नाराज़गी जताई। एक यूज़र ने लिखा, “ये क्या शिक्षा मंत्री हैं, इतना भी नहीं समझते कि गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूरी है, और दूसरी तरफ स्कूलों में सड़क सुरक्षा सप्ताह की शिक्षा दी जा रही है।”
वहीं एक अन्य टिप्पणी में व्यंग्य करते हुए लिखा गया, “Helmet?? माननीय चाचा जी।”
प्रदेश में जहां आम नागरिकों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालान और सख्त कार्रवाई की जाती है, वहीं एक जिम्मेदार मंत्री द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या कानून सभी के लिए समान है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का आचरण समाज के लिए उदाहरण होता है। ऐसे में स्कूल शिक्षा मंत्री जैसे पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाना युवाओं और छात्रों के बीच गलत संदेश भी दे सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या मंत्री स्वयं इस पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा