अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भिलाई के उद्योगों पर; एलपीजी संकट को लेकर छत्तीसगढ़ चेंबर ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भिलाई/दुर्गlछत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (CGCCI) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज महामंत्री अजय भसीन एवं उद्योग चेंबर भिलाई के अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर ईरान और अमेरिका के मध्य बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण उत्पन्न हुए 'कमर्शियल एलपीजी गैस' के गंभीर संकट से प्रशासन को अवगत कराया और त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।
उत्पादन ठप और आर्थिक क्षति का खतरा
कलेक्टर को सौंपे गए आधिकारिक पत्र में चेंबर के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। भिलाई और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSMEs) पूरी तरह से गैस पर निर्भर हैं। गैस की कमी के कारण उत्पादन कार्य लगभग ठप होने की स्थिति में है। विशेष रूप से मार्च माह वित्तीय वर्ष का अंतिम समय होता है, जिसमें फेब्रिकेशन और अन्य निर्माण इकाइयों को अपने वर्क ऑर्डर समय सीमा में पूर्ण करने होते हैं। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने से उद्यमियों को भारी पेनाल्टी और निरंतर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
श्रमिकों के रोजगार पर मंडराता संकट
जितेंद्र प्रसाद गुप्ता ने चर्चा के दौरान जोर देकर कहा कि एलपीजी की कमी का असर केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव श्रमिकों के रोजगार पर भी पड़ रहा है। यदि उद्योगों को कच्चा माल और ऊर्जा (गैस) नहीं मिलेगी, तो लेबर ले-ऑफ की स्थिति बन सकती है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। इसके अतिरिक्त, होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी भी गैस की किल्लत और ऊंचे दामों से जूझ रहे हैं, जिससे उनका दैनिक संचालन संकट में है।
चेंबर की मुख्य मांगें और प्रशासन का रुख
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है:
- औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए।
- गैस की कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर जिला प्रशासन कड़ी निगरानी रखे।
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुचारू बनाने के लिए संबंधित तेल कंपनियों को निर्देशित किया जाए। अजय भसीन ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति होगी। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कलेक्टर महोदय ने आश्वस्त किया कि वे इस मामले में संबंधित विभागों और गैस कंपनियों से तत्काल चर्चा करेंगे ताकि उद्योगों एवं व्यापारिक गतिविधियों को पुन: गति मिल सके।इस अवसर पर चेंबर के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और औद्योगिक इकाईयों के संचालक उपस्थित रहे।
