राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय का बयान दर्ज, 140 लोगों से होगी पूछताछ
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अयोध्या पुलिस ने शिकायतकर्ता और चंपत राय का बयान दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बयान दर्ज किया है, पूछताछ नहीं हुई है। बयान विटनेस के तौर पर भी दर्ज किए जाते हैं। इस मामले में करीब 140 लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। चंपत राय का स्टेटमेंट लिया जा चुका है। अनिल मिश्रा और गोपाल राव का बयान अभी दर्ज नहीं हुआ है।
इससे पहले, यूपी पुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई कि मामले में अयोध्या पुलिस चंपत रॉय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को नोटिस जारी कर सकती है। एसआईटी ने जिस तरह सभी से पूछताछ की थी, उसी तरीके से अयोध्या पुलिस भी सभी से पूछताछ कर बयान रिकार्ड कर सकती है, ताकि जांच को उसके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।
चंपत राय श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव हैं। अनिल मिश्रा पूर्व ट्रस्टी हैं। वहीं, गोपाल राव भी ट्रस्ट से जुड़े हैं। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य लोगों, दान की गिनती करने वाले, दान को बैंक तक ले जाने वाले, बैंक कर्मियों और सुरक्षा गार्डों के भी बयान दर्ज होंगे।
मामले में 10 जगहों पर हुई छापेमारी
अयोध्या पुलिस ने इसी मामले में रविवार को 10 जगहों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी करीब 6 से 8 घंटे चली। छापेमारी के बाद कई आरोपियों के परिवार के लोगों को डिटेन किया गया और उनसे पूछताछ चल रही है। छापेमारी में पुलिस को कुछ कैश, गहने, रजिस्ट्री एग्रीमेंट, बैंक की पासबुक और ज्वेलरी के बिल मिले हैं। वहीं, कई आरोपियों की नई संपत्तियों का भी पता चला। आरोपियों ने कई संपत्तियां अपने परिवार के लोगों के नाम से ली हुई हैं। इसे लेकर जांच जारी है। मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी होगी। पुलिस रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी। आठों आरोपियों के घर छापेमारी में पुलिस को अहम सबूत मिले हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इंकार
वहीं, चंदा चोरी मामले की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में फिलहाल जल्द सुनवाई की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को छुट्टियों के बाद रेगुलर बेंच में लिस्ट करने का आदेश दिया। याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट में चंदे के हेराफेरी को लेकर कोर्ट की निगरानी में CBI की SIT से जांच की मांग की गई है।