स्कूल पहुंचे, फिर दोस्तों के साथ निकल गए डोंगरगढ़; दुर्ग पुलिस ने 6 घंटे में तीनों नाबालिगों को खोज निकाला

स्कूल पहुंचे, फिर दोस्तों के साथ निकल गए डोंगरगढ़; दुर्ग पुलिस ने 6 घंटे में तीनों नाबालिगों को खोज निकाला

दुर्ग/स्कूल जाने के लिए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद छावनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब छह घंटे के भीतर तीनों बच्चों को डोंगरगढ़ मंदिर के पास से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्चों की तलाश के दौरान स्कूल से लेकर पावर हाउस रेलवे स्टेशन तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य विद्यार्थियों से पूछताछ कर उनके संभावित गंतव्य की जानकारी जुटाई। लगातार पतासाजी और डोंगरगढ़ पुलिस व आरपीएफ के साथ समन्वय के बाद पुलिस टीम ने रात्रि करीब 2:30 बजे तीनों बच्चों को सकुशल बरामद किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 10 सितंबर 2026 को रात्रि करीब 8 बजे एक परिजन ने थाना छावनी में सूचना दी कि उसका नाबालिग पुत्र, जो महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल, तीन दर्शन मंदिर में अध्ययनरत है, सुबह करीब 11 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। बच्चा स्कूल तक पहुंचा, लेकिन स्कूल के अंदर जाने के बजाय अपने साथ पढ़ने वाले दो अन्य नाबालिग साथियों के साथ कहीं चला गया। निर्धारित समय तक बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस को सूचना दी।
सूचना प्राप्त होते ही थाना छावनी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों बच्चों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की। साथ गए दोनों अन्य नाबालिग बच्चों के परिजनों से भी संपर्क किया गया और उनके संबंध में भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने बच्चों की तलाश के लिए सबसे पहले स्कूल परिसर और उसके आसपास के संभावित मार्गों पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। इसके बाद बच्चों के संभावित आवागमन के मार्ग की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर लगे करीब 20 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का भी बारीकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही बच्चों के साथ अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों से पूछताछ कर उनके दोस्तों, आने-जाने और संभावित गंतव्य के संबंध में जानकारी हासिल की गई।
लगातार पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस को तीनों बच्चों के डोंगरगढ़ जाने की संभावना का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल डोंगरगढ़ के लिए रवाना हुई। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ तथा संबंधित थाना पुलिस को भी बच्चों के संबंध में जानकारी देकर आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया।
पुलिस टीम द्वारा डोंगरगढ़ में लगातार पतासाजी की गई। इसी दौरान रात्रि करीब 2:30 बजे तीनों नाबालिग बच्चे डोंगरगढ़ मंदिर के पास सकुशल मिल गए। पुलिस टीम ने तीनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला किसी सुनियोजित अपराध की पद्धति से संबंधित नहीं है। तीनों नाबालिग बच्चे स्कूल जाने के लिए अपने-अपने घर से निकले थे और स्कूल पहुंचने के बाद अपने दो साथियों के साथ डोंगरगढ़ चले गए थे। बच्चों के गुम होने की सूचना थाना छावनी क्षेत्र से प्राप्त हुई थी, जबकि पुलिस ने उन्हें डोंगरगढ़ मंदिर के पास से सकुशल बरामद किया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना छावनी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की और स्कूल, संभावित मार्गों, पावर हाउस रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही विद्यार्थियों और परिजनों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई। डोंगरगढ़ पुलिस और आरपीएफ से समन्वय स्थापित कर पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी की, जिसके परिणामस्वरूप तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जा सका।
दुर्ग पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों के स्कूल जाने और घर लौटने के समय का विशेष ध्यान रखें। बच्चों के साथ पढ़ने वाले दोस्तों, उनके संपर्क और उनकी गतिविधियों के संबंध में भी अभिभावक जानकारी रखें। यदि बच्चा निर्धारित समय पर घर नहीं लौटता है अथवा उसके संबंध में किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिलती है, तो बिना किसी विलंब के पुलिस को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को तत्काल तलाश शुरू करने में मदद मिलती है और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।