“भिलाई बिकने नहीं देंगे”: निजीकरण के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे विधायक देवेन्द्र यादव, 25 जनवरी को इस्पात भवन तक पदयात्रा
भिलाई नगर/ भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सेल-बीएसपी प्रबंधन की निजीकरण की नीति के खिलाफ जन जागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। विधायक ने कहा कि टाउनशिप से जुड़े विषयों को लेकर भिलाई सत्याग्रह किया था; जिसमें सेल-बीएसपी प्रबंधन के प्रभारी डायरेक्टर इन चार्ज से रिटेंशन स्कीम, दुकानों का लीज नवीनीकरण समेत अन्य विषयों पर चर्चा हुई थी और प्रबंधन की ओर से पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सेक्टर.-9 को लीज पर नहीं देने, अस्पताल में कार्य करने वाले कर्मचारी और पूर्व कर्मचारियों की सुविधाएं यथावत रखने और मैत्री बाग को किसी भी संस्थान को नहीं देने की सहमति बनी थी, लेकिन रिटेंशन स्कीम के तहत आवासों की किराया दर में की गई बढोत्तरी को वापस लेने या लाइसेंस पर देने के विषय पर अब तक प्रबंधन का फैसला आया नहीं है। इसी प्रकार टाउनशिप क्षेत्र के जो व्यापारी वर्ग है उनके दुकानों का लीज नवीनीकरण रजिस्टी शुल्क को कम करने के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है।
इसलिए जन आंदोलन को शुरू करने से पहले वार्डों का भ्रमण कर भिलाईवासियों से विचार विमर्श किया जाएगा। जिसकी शुरूआत 12 जनवरी से होगी। इस दौरान वार्डों में जाकर रिटेंशन स्कीम और लायसेस के तहत आवंटित आवासधारियों से भेंट मुलाकात कर उनकी राय लेंगे आवासों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे। सबकी राय लेने के बाद 25 जनवरी भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात भवन तक पैदल मार्च किया जाएगा।
विघायक यादव ने भिलाई की सम्मानित जनता के सहयोग से हमने 5 दिन का उपवास रखा था औश्र 5 दिन की उपवास के बाद प्रबंधन चर्चा के लिए तैयार हुआ। जिसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सेक्टर.-9 को लीज पर नहीं देने, अस्पताल में कार्य करने वाले कर्मचारी और पूर्व कर्मचारियों की सुविधाएं यथावत रखने और मैत्री बाग को किसी भी संस्थान को नहीं देने की सहमति बनी थी। रिटेंशन स्कीम को लेकर प्रबंधन की ओर से जवाब नहीं आया है। इसलिए एक जनप्रतिनिधि की हैसियत से मेरी जिम्मेदारी है कि मुददों का निराकरण कराउं। उन्हांेंने कहा कि हर समस्या का समाधान संपर्क और संवाद स्थापित कर किया जा सकता है, लेकिन सेल-बीएसपी प्रबंधन संवाद ही स्थापित नहीं करना चाहती है, ऐसा नहीं चलेगा, प्रबंधन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता। उन्हें आपस में चर्चा कर समाधान करना होगा। हम लोगों के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगे।