मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफे के बाद डिप्टी कमिश्नर (GST) पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफे के बाद डिप्टी कमिश्नर (GST) पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का गंभीर आरोप

अयोध्या।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा भेजकर चर्चा में आए अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर (GST) प्रशांत कुमार सिंह के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस्तीफे के बाद अब प्रशांत कुमार सिंह पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगा है।
यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि उनके सगे बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने लगाए हैं। डॉ. विश्वजीत सिंह के मुताबिक, प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की थी। इस संबंध में उन्होंने वर्ष 2021 में संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी।
डॉ. विश्वजीत सिंह ने 20 अगस्त 2021 को प्रशांत कुमार सिंह के दिव्यांग प्रमाण पत्र की पुनः जांच कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद मंडलीय चिकित्सा परिषद द्वारा प्रशांत सिंह को मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच के लिए बुलाया गया, लेकिन वे बोर्ड के सामने उपस्थित नहीं हुए।
विश्वजीत सिंह का दावा है कि प्रशांत कुमार सिंह दो बार मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच के लिए नहीं पहुंचे। यही नहीं, डॉ. विश्वजीत सिंह का एक और पत्र भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को प्रशांत सिंह के दिव्यांग प्रमाण पत्र की दोबारा जांच कराए जाने के संबंध में लिखा था।
भाई का यह भी आरोप है कि इस्तीफा देना केवल एक नाटक है, ताकि चल रही जांच और संभावित रिकवरी से बचा जा सके। डॉ. विश्वजीत सिंह के अनुसार, प्रशांत कुमार सिंह ने जिस आंख की बीमारी के आधार पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया है, वैसी बीमारी 50 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति में दुनिया में कहीं नहीं पाई जाती।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है, वहीं अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।