बाबा ताजुद्दीन के जन्मदिन पर तकरीर और लंगर में जुटे अकीदतमंद, की गईं दुआएं

भिलाई। हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्ला अलैहि के भिलाई स्थित आस्ताने पर बाबा का 165 वां यौम ए पैदाइश (जन्मदिन) मनाया गया। इस दौरान बाबा ताज के आमद की खुशियां मनाते हुए केक काटा गया, जिसेमे वहां मौजूद सभी अकीदतमंदो एवं जायरीनों में तक्सीम किया गया।हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया सेवा समिति भिलाई की अध्यक्षा ताज अंजुम ताजी ने औरतों की तकरीर भी रखी, जिसमें सिमगा की आलिमा शहाना कादरी नूरी बरकाती ने बाबा ताजुद्दीन की शख्सियत और उस दौर में सभी इंसानों के बीच समाज मे लड़कियों (बेटियों) को शिक्षित बनाने और शिक्षा को बढ़ावा देने की जानकारी दी। आलिमा की तकरीर सुनने आई ख़्वातीनो को दीन-दुनिया की बातें बताई गई साथ ही मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वालों के लिए यह पैगाम दिया गया कि भारत एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें सभी तरह के मजहब फूलों की तरह सजे हुए हैं इसलिए भारत को एक खूबसूरत गुलदस्ता बनाए रखने के लिए सभी मजहब का एक साथ मिलकर रहना बेहद जरूरी है। तकरीर के बाद बाबा ताज के आस्ताने चादरपोशी की रसम अदा की गई और फिर मुरीदों की तरफ से लाई गई फूलों की चादर भी पूरे अक़ीदत के साथ पेश की गई। वहीं बाबा को लोभान पेश की गई बाद इसके तमाम लोगों में तकसीम किया गया। लंगर और फातिहा ख्वानी में भी बड़ी तादाद में अकीदतमंद जुटे। सभी ने मुल्क में अमन व भाईचारा कायम रहने की दुआएं की। अध्यक्ष हज्जन बदरून्निसा ताजी एवं गद्दीनशीन मोहम्मद सादिक ताजी सहित तमाम लोगों ने खैर ओ बरकत की दुआएं मांगी।