“कल होगा विधानसभा घेराव, कल दुर्ग जिला से हज़ारों कार्यकर्ता पहुंचेंगे रायपुर” – अय्यूब खान
राजधानी रायपुर में 17 मार्च को कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।इसी क्रम में आज दुर्ग के राजीव भवन में दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर एवं दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बकलीवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विशेष रूप पूर्व विधायक अरूण वोरा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री दीपक दुबे, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अय्यूब खान, पूर्व महापौर आर एन वर्मा, छाया महापौर श्रीमती प्रेमलता साहू सहित वरिष्ठ कांग्रेस जन उपस्थित थे।।अय्यूब खान ने बैठक को संबोधित करते हुए ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कल होने वाले विधानसभा घेराव के लिए व्यापक तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता कल छत्तीसगढ़ की जनता की आवाज बनकर विधानसभा तक पहुंचेंगे और प्रदेश की मौजूदा सरकार से उन सवालों का जवाब मांगेंगे, जिनसे आज प्रदेश का हर वर्ग जूझ रहा है।कि 2023 से जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से आम जनता त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था लाचार हो चुकी है, अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि आज न किसान खुश है, न युवा संतुष्ट है, न शिक्षक, न स्वास्थ्यकर्मी और न ही व्यापारी वर्ग।
उन्होंने कहा कि “ढाक के तीन पात” की तरह भाजपा सरकार के बड़े-बड़े दावे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर काम नगण्य हैं। अब प्रदेश का हर वर्ग इस सरकार की असलियत को समझ चुका है।
प्रदेश में हाल ही में उजागर हुई अवैध अफीम की खेती के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।वोरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हर साल किसानों द्वारा बोई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड प्रशासन के पास होता है, फिर आखिर कैसे और किसकी संरक्षण में इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती हो रही थी?यदि सरकार की नाक के नीचे ऐसे अवैध धंधे फल-फूल रहे हैं तो यह प्रदेश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इस पूरे गोरखधंधे के पीछे कौन लोग हैं प्रदेश की जनता सच्चाई जानना चाहती है।केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रकार मनरेगा जैसी अधिकार आधारित और गरीबों के लिए जीवनरेखा साबित हुई योजना को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा सरकार की नीतियां श्रमिकों और ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने श्रमिक भाइयों और ग्रामीण परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत निरंतर संघर्ष कर रही है और कल का विधानसभा घेराव भी इसी संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दुर्ग जिले से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेश की जनता की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।