नगर निगम कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर नवयुक्त कर्मचारी संघ मुखर

नगर निगम कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर नवयुक्त कर्मचारी संघ मुखर

दुर्ग/हरेली पर्व से पहले नगर पालिक निगम दुर्ग के कर्मचारियों के हितों को लेकर नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने शासन और निगम प्रशासन का ध्यान तीन महत्वपूर्ण मांगों की ओर आकर्षित किया है। संघ के जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कर्मचारियों के आर्थिक, सामाजिक एवं सेवा संबंधी अधिकारों के संरक्षण के लिए आयुक्त, महापौर एवं राज्य शासन से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के पत्र क्रमांक एफ-4-16/2009/18, दिनांक 10 अक्टूबर 2024 के अनुसार प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद नगर पालिक निगम दुर्ग के नियमित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों का जुलाई 2026 (देय अगस्त 2026) का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया है। हरेली जैसे प्रमुख लोकपर्व से पहले वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है।
संघ ने जून एवं जुलाई 2026 के वेतन से काटी गई जीपीएफ एवं सीपीएफ की राशि तत्काल संबंधित खातों में जमा कराने की भी मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई राशि समय पर जमा करना निगम प्रशासन की वैधानिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी कर्मचारियों के अधिकारों के विपरीत है।
महिला कर्मचारियों के सम्मान एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए संघ ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी हरितालिका तीज के अवसर पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साड़ी, ब्लाउज एवं पेटीकोट प्रदान किए जाने की मांग की है। संघ ने इसे महिला कर्मचारियों के सम्मान और उनके योगदान के प्रति निगम की सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।
जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कहा कि कर्मचारी केवल वेतन पाने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि नगर की जनसेवा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। यदि कर्मचारियों को समय पर वेतन, भविष्य निधि की राशि और उनके वैधानिक अधिकार नहीं मिलेंगे तो संस्था की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ कर्मचारियों के प्रत्येक न्यायोचित अधिकार के लिए नियम एवं कानून के दायरे में रहकर निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कराना है। शासन के आदेशों का पालन होना चाहिए और कर्मचारियों को उनका अधिकार समय पर मिलना चाहिए। कर्मचारी हित संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
संघ ने विश्वास जताया कि निगम प्रशासन एवं राज्य शासन कर्मचारी हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे, जिससे कर्मचारियों का विश्वास और कार्य के प्रति उत्साह बना रहेगा।