भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन, विधायक ललित चंद्राकर व अशोक चंद्राकर को बहनों ने बांधी राखी

भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन, विधायक ललित चंद्राकर व अशोक चंद्राकर को बहनों ने बांधी राखी

 दुर्ग /रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और अटूट विश्वास देखने को मिला। विधायक ललित चंद्राकर एवं अशोक चंद्राकर की बहनों ने स्नेहपूर्वक उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की।
विधायक ललित चंद्राकर की बड़ी बहनें *श्रीमती सरोज चंद्राकर* एवं श्रीमती सुनंदा चंद्राकर ने विधायक जी एवं बड़े भाई अशोक चंद्राकर को राखी बांधी। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा: "भाई-बहन का रिश्ता केवल एक रिश्ता बस नहीं है, यह बचपन की अनगिनत यादों, अपनापन और जीवनभर साथ निभाने वाले विश्वास का नाम है। आज रक्षाबंधन के अवसर पर प्रिय मेरी बड़ी बहन श्रीमती सरोज चंद्राकर व श्रीमती सुनंदा चंद्राकर ने स्नेहपूर्वक मेरी कलाई पर रक्षासूत्र बांधी।_राखी के इस पवित्र धागे के साथ बचपन की वे अनमोल यादें - छोटी-छोटी नोकझोंक, रूठना-मनाना, साथ बिताए अनगिनत पल और हर सुख-दुःख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का वह अटूट विश्वास जीवंत हो गया। समय भले ही बदल जाए, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते में बसा यह अपनापन और स्नेह कभी कम नहीं होता।_

प्रिय बहनों, इस पावन अवसर पर आपको रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।"_
विधायक  ने बहनों को उपहार भेंट कर उनके मान-सम्मान और रक्षा का संकल्प दोहराया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र वासियों को भी रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि भाई-बहन का यह प्रेम और सौहार्द हमारे समाज और क्षेत्र की एकता की पहचान है।
कार्यक्रम में परिवारजन, शुभचिंतक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में त्योहार का उल्लास और स्नेह दिखाई दिया।