पत्रकारों से बदसलूकी और छात्र को थप्पड़ के आरोपों के बाद कार्रवाई, प्रभारी प्राचार्या हटाईं,शिक्षक के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा

पत्रकारों से बदसलूकी और छात्र को थप्पड़ के आरोपों के बाद कार्रवाई, प्रभारी प्राचार्या हटाईं,शिक्षक के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा

बलौदाबाजार/पंडित चक्रपाणि शुक्ला हायर सेकेंडरी स्कूल में विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। पत्रकारों से कथित बदसलूकी और पूर्व छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में प्रभारी प्राचार्या वंदनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से प्रभारी प्राचार्य के पद से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को प्रभारी प्राचार्या की जिम्मेदारी सौंपी गई है।वहीं, स्कूल में शराब के नशे में पहुंचने और विद्यार्थियों से कथित गाली-गलौज की शिकायतों से घिरे शिक्षक नरेश तिवारी की चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट में अल्कोहल की मात्रा पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की अनुशंसा करते हुए शिक्षा संचालनालय को पत्र भेजा गया है।मामला उस समय गरमाया, जब शिक्षक नरेश तिवारी के खिलाफ शराब पीकर स्कूल आने और छात्र-छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतों को लेकर पत्रकार स्कूल पहुंचे थे। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्या वंदनी श्रीवास्तव ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी की और उन्हें कवरेज करने से रोकते हुए अपने कक्ष से बाहर जाने को कहा।घटना से नाराज मीडिया कर्मियों ने संगठन के साथ स्कूल परिसर के सामने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान संबंधित शिक्षक और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोपों को सही पाए जाने की जानकारी दी।रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार गेंदले ने प्रभारी प्राचार्या वंदनी श्रीवास्तव को पद से मुक्त करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को प्रभारी प्राचार्या का दायित्व सौंपा गया।शिक्षक नरेश तिवारी के मामले में चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट में अल्कोहल की मात्रा पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ निलंबन की अनुशंसा की है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा संचालनालय को पत्र भेजा गया है।वंदनी श्रीवास्तव के खिलाफ पूर्व में भी शिकायत सामने आने की बात कही गई है। संबंधित मामले में परीक्षा के दौरान केंद्राध्यक्ष रहते हुए प्रभार सहायक को सौंपकर पिकनिक पर जाने का आरोप लगा था और इसका वीडियो भी सामने आया था। हालांकि, इन पुराने आरोपों के संबंध में विभागीय कार्रवाई की स्थिति अलग से स्पष्ट नहीं की गई है।वहीं, वरिष्ठ व्याख्याताओं की मौजूदगी के बावजूद वंदनी श्रीवास्तव के प्रभारी प्राचार्य पद पर होने का मुद्दा भी चर्चा में रहा है।फिलहाल प्रभारी प्राचार्या को पद से हटाने और शिक्षक के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ी है। पूर्व छात्र को थप्पड़ मारने और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी से जुड़े आरोपों पर विस्तृत जांच तथा आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।