आग में जलती रही कार, रास्ता बंद होने से नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड... आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा दुर्ग प्रशासन?
दुर्ग/ शहर की खंडेलवाल कॉलोनी में दो दिन पहले एक मकान के पोर्च में खड़ी कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मारुति ग्रैंड विटारा धू-धू कर जलने लगी। इस दौरान फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन कॉलोनी के मुख्य मार्ग में अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण दमकल वाहन मौके तक नहीं पहुंच पाया। बताया गया कि दमकल वाहन को रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। आखिरकार मकान मालिक और आसपास के लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। रहवासियों का कहना है कि यदि आग पेट्रोल टैंक तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की शाम करीब 6:45 बजे खंडेलवाल कॉलोनी स्थित मकान नंबर A-22 में अंकित खंडेलवाल पिता राजेश खंडेलवाल के घर के पोर्च में खड़ी मारुति ग्रैंड विटारा (CG 08 AP 8808) में अचानक आग लग गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि खंडेलवाल कॉलोनी के मुख्य मार्ग के दोनों ओर सड़क की जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाकर कब्जा किया गया है। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े किए जाने से आवागमन बाधित रहता है। रहवासियों के अनुसार, ऋषभ कॉलोनी की ओर से खंडेलवाल कॉलोनी को जोड़ने वाले मार्ग पर भी बाउंड्रीवॉल बनाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। इसी तरह करीब 12 अन्य मार्गों को भी बाउंड्रीवॉल बनाकर अवरुद्ध किए जाने की शिकायत है।
तीन साल से अधिकारियों को दे रहे आवेदन, कार्रवाई का इंतजार
कॉलोनीवासियों का कहना है कि बंद रास्तों को खुलवाने के लिए 30 अगस्त 2023 से कलेक्टर कार्यालय दुर्ग, नगर पालिक निगम दुर्ग, संभागायुक्त, पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग सहित विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार आवेदन दिए जा रहे हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी लेने और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
रहवासियों के मुताबिक, लगातार पत्राचार और शिकायतों के बाद भी संबंधित विभाग नियमों और अन्य प्रक्रियाओं का हवाला देकर मामले को आगे बढ़ाते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऋषभ बिल्डर्स से जुड़े मामले में जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
आपात स्थिति में कैसे पहुंचेगी मदद?
कॉलोनीवासियों का कहना है कि हालिया आगजनी की घटना ने एक बार फिर कॉलोनी में आपातकालीन सुविधाओं की बदहाल स्थिति उजागर कर दी है। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद किए गए सभी रास्तों की जांच कराई जाए, अतिक्रमण हटाकर आवागमन बहाल किया जाए और मुख्य मार्ग को इतना सुगम बनाया जाए कि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन वाहन जरूरत पड़ने पर बिना किसी बाधा के पहुंच सकें।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते रास्ते नहीं खोले गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी।